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    निपुण लक्ष्य

    निपुण लक्ष्य – कक्षा I एवं II

    बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN)

    कक्षा विषय क्षेत्र निपुण लक्ष्य / अधिगम लक्ष्य
    कक्षा I हिंदी मौखिक भाषा मित्रों एवं शिक्षक से अपनी आवश्यकताओं तथा आसपास के परिवेश के बारे में बातचीत करता/करती है।
    मौखिक भाषा कक्षा में उपलब्ध लिखित सामग्री/प्रिंट के बारे में बातचीत करता/करती है।
    मौखिक भाषा हाव-भाव के साथ कविताएँ, गीत एवं बालगीत सुनाता/सुनाती है।
    पठन कहानी वाचन एवं कहानी सुनाने की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेता/लेती है तथा प्रश्नों के उत्तर देता/देती है।
    पठन ध्वनि एवं अक्षर के संबंध को समझते हुए शब्दों को पढ़ता/पढ़ती और लिखता/लिखती है।
    पठन 4–5 सरल शब्दों वाले छोटे वाक्यों को पढ़ता/पढ़ती है।
    लेखन परिचित संदर्भों में शब्दों में मात्राओं के प्रयोग से परिचित होता/होती है।
    लेखन अर्थ व्यक्त करने के लिए लिखता/लिखती, चित्र बनाता/बनाती है तथा नाम, सरल संदेश एवं शुभकामनाएँ लिखता/लिखती है।
    कक्षा I अंग्रेजी मौखिक भाषा मित्रों एवं शिक्षक से अपनी आवश्यकताओं, अनुभवों और आसपास के परिवेश के बारे में बातचीत करता/करती है।
    मौखिक भाषा कक्षा एवं आसपास उपलब्ध परिचित प्रिंट/लिखित सामग्री के बारे में बातचीत करता/करती है।
    मौखिक भाषा हाव-भाव के साथ कविताएँ, गीत एवं बालगीत सुनाता/सुनाती है।
    पठन कहानी वाचन एवं कहानी सुनाने की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेता/लेती है तथा प्रश्नों का उत्तर देता/देती है।
    पठन ध्वनि-अक्षर संबंध का प्रयोग करके सरल शब्दों को पढ़ता/पढ़ती और लिखता/लिखती है।
    पठन 4–5 सरल शब्दों वाले छोटे वाक्यों को आयु-उपयुक्त पाठ में पढ़ता/पढ़ती है।
    लेखन परिचित शब्दों एवं सरल वाक्यों को लिखकर अपने विचार व्यक्त करता/करती है।
    लेखन नाम, सरल संदेश एवं शुभकामनाएँ लिखता/लिखती है तथा परिचित वस्तुओं/व्यक्तियों के चित्र बनाता/बनाती है।
    कक्षा I गणित संख्यात्मक ज्ञान 20 तक की वस्तुओं को गिनता/गिनती है।
    संख्यात्मक ज्ञान 99 तक की संख्याओं को पढ़ता/पढ़ती और लिखता/लिखती है।
    संख्यात्मक ज्ञान दैनिक जीवन की परिस्थितियों में 9 तक की संख्याओं का जोड़ एवं घटाव करता/करती है।
    संख्यात्मक ज्ञान त्रि-आयामी आकृतियों के गुणों जैसे गोल/समतल सतह, कोने एवं किनारों का निरीक्षण और वर्णन करता/करती है।
    संख्यात्मक ज्ञान हाथ की लंबाई, कदम, उँगली आदि गैर-मानक इकाइयों से लंबाई तथा कप, चम्मच एवं मग से क्षमता का अनुमान एवं मापन करता/करती है।
    संख्यात्मक ज्ञान आकृतियों एवं संख्याओं का प्रयोग करके छोटी कविताएँ एवं कहानियाँ बनाता/बनाती और सुनाता/सुनाती है।
    कक्षा II हिंदी मौखिक भाषा कक्षा में उपलब्ध लिखित सामग्री/प्रिंट के बारे में बातचीत करता/करती है।
    मौखिक भाषा बातचीत में भाग लेता/लेती है, प्रश्न पूछता/पूछती है और दूसरों की बात ध्यान से सुनता/सुनती है।
    मौखिक भाषा गीत एवं कविताएँ सुनाता/सुनाती है।
    मौखिक भाषा कहानियों, कविताओं एवं प्रिंट में आने वाले परिचित शब्दों को दोहराता/दोहराती है।
    पठन बाल साहित्य एवं पाठ्यपुस्तकों की कहानियाँ पढ़ता/पढ़ती तथा पुनः सुनाता/सुनाती है।
    पठन दिए गए शब्द के अक्षरों से नए शब्द बनाता/बनाती है।
    पठन 8–10 वाक्यों वाले आयु-उपयुक्त अपरिचित पाठ को लगभग 45–60 शब्द प्रति मिनट की गति से समझ एवं स्पष्टता के साथ पढ़ता/पढ़ती है।
    लेखन अपने विचार व्यक्त करने के लिए छोटे एवं सरल वाक्य सही रूप में लिखता/लिखती है।
    लेखन नामवाचक शब्द, क्रिया शब्द एवं विराम चिह्नों को पहचानता/पहचानती है।
    कक्षा II अंग्रेजी मौखिक भाषा कक्षा में उपलब्ध परिचित लिखित सामग्री/प्रिंट के बारे में बातचीत करता/करती है।
    मौखिक भाषा बातचीत में भाग लेता/लेती है, प्रश्न पूछता/पूछती है और दूसरों की बात सुनता/सुनती है।
    मौखिक भाषा गीत एवं कविताएँ सुनाता/सुनाती है।
    मौखिक भाषा कहानियों, कविताओं एवं प्रिंट में आने वाले परिचित शब्दों को दोहराता/दोहराती है।
    पठन बाल साहित्य एवं पाठ्यपुस्तकों की कहानियाँ पढ़ता/पढ़ती तथा पुनः सुनाता/सुनाती है।
    पठन दिए गए शब्द के अक्षरों से नए शब्द बनाता/बनाती है।
    पठन 8–10 वाक्यों वाले आयु-उपयुक्त अपरिचित पाठ को लगभग 45–60 शब्द प्रति मिनट की गति से समझ एवं स्पष्टता के साथ पढ़ता/पढ़ती है।
    लेखन अपने विचार व्यक्त करने के लिए छोटे एवं सरल वाक्य सही रूप में लिखता/लिखती है।
    लेखन नामवाचक शब्द, क्रिया शब्द एवं विराम चिह्नों को पहचानता/पहचानती है।
    कक्षा II गणित संख्यात्मक ज्ञान 999 तक की संख्याओं को पढ़ता/पढ़ती और लिखता/लिखती है।
    संख्यात्मक ज्ञान दैनिक जीवन की परिस्थितियों में 99 तक की संख्याओं का जोड़ एवं घटाव करता/करती है।
    संख्यात्मक ज्ञान गुणा को बार-बार जोड़ने तथा भाग को समान वितरण/बाँटने के रूप में समझता/समझती है तथा 2, 3 और 4 के गुणन तथ्यों का निर्माण करता/करती है।
    संख्यात्मक ज्ञान छड़, पेंसिल, धागा, कप, चम्मच एवं मग जैसी गैर-मानक समान इकाइयों से लंबाई, दूरी एवं क्षमता का अनुमान एवं मापन करता/करती है तथा सरल तराजू से भार की तुलना करता/करती है।
    संख्यात्मक ज्ञान आयत, त्रिभुज, वृत्त एवं अंडाकार जैसी द्वि-आयामी आकृतियों को पहचानता/पहचानती और उनका वर्णन करता/करती है।
    संख्यात्मक ज्ञान दूर/पास, अंदर/बाहर, ऊपर/नीचे, बाएँ/दाएँ, आगे/पीछे एवं ऊपर/नीचे जैसे स्थान संबंधी शब्दों का प्रयोग करता/करती है।
    संख्यात्मक ज्ञान संख्याओं एवं आकृतियों का प्रयोग करके सरल पहेलियाँ बनाता/बनाती और हल करता/करती है।

    निपुण भारत का मुख्य उद्देश्य: विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान का विकास तथा समग्र विकास सुनिश्चित करना।